उत्तराखंड में युवाओं के नए आइडिया को कारोबार का रूप देने और राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश सरकार ने नवाचार आधारित 10 नए आइडिया को स्टार्टअप के रूप में चयनित किया है। चयनित युवाओं को सरकार की ओर से दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं को स्वरोजगार और नवाचार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उच्च शिक्षण संस्थानों में आयोजित बूट कैंप के माध्यम से युवाओं के नए और व्यावहारिक आइडिया सामने लाए गए। इनमें से बेहतर आइडिया का मूल्यांकन कर उन्हें स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए चयनित किया गया।
219 स्टार्टअप को मिल चुकी है मान्यता
राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच अब तक 219 स्टार्टअप को प्रदेश सरकार से मान्यता मिल चुकी है। वहीं, केंद्र सरकार के स्टार्टअप पोर्टल पर उत्तराखंड के 1500 से अधिक युवा स्टार्टअप के रूप में पंजीकृत हैं।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाने के साथ उनके स्थानीय और रचनात्मक विचारों को व्यावसायिक अवसर में बदलना है।
बूट कैंप के जरिये सामने आए नए आइडिया
स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उद्योग विभाग के सहयोग से जिलास्तर पर उच्च शिक्षण संस्थानों में बूट कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में युवाओं को अपने बिजनेस आइडिया प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाता है। विशेषज्ञों की मदद से संभावनाशील आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए चुना जाता है।
200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड
सरकार की ओर से स्टार्टअप को आर्थिक सहयोग देने के लिए 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी तैयार किया गया है। इसके अलावा स्टार्टअप नीति के तहत युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न वित्तीय सुविधाओं और प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है।
जल्द मिल सकती है पुरस्कार राशि
चयनित 10 युवाओं को उच्चाधिकारियों की अनुमति के बाद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश के युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा तथा उत्तराखंड में नए कारोबार और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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